Pushp ki abhilasha/ Chah nahi poem/ पुष्‍प की अभिलाषा / माखनलाल चतुर्वेदी / Makhanlal Chaturvedi

Chah nahi poem / Pushp ki abhilasha Chah nahi poem पुष्‍प की अभिलाषा Pushp ki abhilasha chah nahi poem / pushp ki abhilas...

yeh diya bujhe nahi Nishith ka diya । निशीथ का दिया । गोपाल सिंह नेपाली । Gopal Singh Nepali

yeh diya bujhe nahi  Yeh diya bujhe nahi   घोर अंधकार हो, चल रही बयार हो, आज द्वार-द्वार पर,यह दिया बुझे नहीं, यह नि...

Aa rahi ravi ki sawari आ रही रवि की सवारी - डॉ हरिवंश राय 'बच्चन' Dr. Harivansh roy Bacchan

Aa rahi ravi ki sawari आ रही रवि की सवारी। नव-किरण का रथ सजा है, कलि-कुसुम से पथ सजा है, बादलों-से अनुचरों ने स्‍वर्ण की पोशाक धा...

Desh ki mati देश की माटी - रविंद्रनाथ ठाकुर Rabindranath Tagore

Desh ki mati Rabindranath Tagore - Desh ki mati देश की माटी देश का जल हवा देश की देश के फल सरस बनें प्रभू सरस बनें। देश के घर...

Satpura ke ghane jungle poem सतपुड़ा के घने जंगल - भवानी प्रसाद मिश्र Bhavani prasad mishra

Satpura ke ghane jungle poem Satpura  ke ghane jungle poem सतपुड़ा  के घने जंगल। नींद में डूबे हुए से ऊंघते अनमने जंगल। झाड ...

बन्दूक

अगर कहीं मिलती बन्दूक अगर कहीं मिलती बन्दूक, उसको करता मैं दो टूक नली निकाल बना पिचकारी, रंग देता  यह   दुनिया   सारी ।  लेखक- अ...

शहीदों को नमन

सुनी हो गयी माँ की गोद  सहारा पिता का चला गया, ऐसा सितम किया दुष्टों ने     पूरा कुनबा मिटा दिया।  जिससे जोड़ा नाता छोड़कर उसे चला...

जीवन का चक्रव्यूह

लाखों पैसे कमाऊंगा, एक घर नया बनाऊंगा, जब मैं बड़ा बन जाऊंगा।                                 न स्कूल, न बस्ता होगा,                  ...

पहली उडान

              पहली उड़ान उड़ जाओ तुम बच्चे नहीं, पंख अपने फैलाओ जरा। आंख मूंदकर बैठो नहीं, कदम आगे  बढ़ाओ जरा।                        ...

नई उड़ान - Nayi Udaan

                              नई उड़ान                 उड़ते हुए मुझे बहुत दूर जाना है।                       पँखो में न जोर न ही सहारा ...