Showing posts with label My poem. Show all posts
Showing posts with label My poem. Show all posts

शहीदों को नमन

सुनी हो गयी माँ की गोद  सहारा पिता का चला गया, ऐसा सितम किया दुष्टों ने     पूरा कुनबा मिटा दिया।  जिससे जोड़ा नाता छोड़कर उसे चला...

जीवन का चक्रव्यूह

लाखों पैसे कमाऊंगा, एक घर नया बनाऊंगा, जब मैं बड़ा बन जाऊंगा।                                 न स्कूल, न बस्ता होगा,                  ...

पहली उडान

              पहली उड़ान उड़ जाओ तुम बच्चे नहीं, पंख अपने फैलाओ जरा। आंख मूंदकर बैठो नहीं, कदम आगे  बढ़ाओ जरा।                        ...

नई उड़ान - Nayi Udaan

                              नई उड़ान                 उड़ते हुए मुझे बहुत दूर जाना है।                       पँखो में न जोर न ही सहारा ...